आंदोलनकारियों का दावा है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। इसके बावजूद शिक्षक भर्ती 2025 में कम पदों पर वैकेंसी निकाली गई है। भोपाल के प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को माने जाने तक प्रोटेस्ट जारी रखने पर अड़े हैं।