जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की करीब दो घंटे तक हाई-लेवल बैठक चली। बैठक के बाद परिजनों की मांगों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर मेडिकल कॉलेज के डीन ने कड़े कदम उठाए हैं।