करीब 100 साल पहले प्रथम विश्व युद्ध के दौरान कुछ घायल सैनिक अस्पताल के बिस्तरों पर पड़े थे। उनके लिए न जिम था, न आधुनिक फिटनेस उपकरण। तब जर्मन फिटनेस एक्सपर्ट जोसेफ पिलाटेस ने बिस्तरों में स्प्रिंग लगाकर ऐसी एक्सरसाइज तैयार की, जिससे मरीज लेटे-लेटे ही शरीर को एक्टिव रख सकें। आगे चलकर यही प्रयोग दुनिया की सबसे पॉपुलर फिटनेस तकनीकों में से एक बन गया। युद्ध के बाद जोसेफ पिलाटेस ने अपनी एक्सरसाइज तकनीक को ‘कंट्रोलॉजी’ नाम दिया। 1926 में अमेरिका पहुंचकर उन्होंने न्यूयॉर्क में स्टूडियो खोला। शुरू–शुरू में डांसर्स और एथलीट्स ने इसे अपनाया। बाद में यही कंट्रोलॉजी दुनिया भर में ‘पिलाटेस’ के नाम से मशहूर हो गई। आज कैटरीना कैफ, दीपिका पादुकोण, करीना कपूर, मलाइका अरोड़ा, आलिया भट्ट और सारा अली खान जैसी कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी इसे अपने फिटनेस रूटीन का हिस्सा बना चुकी हैं। अगस्त, 2026 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में एक सिस्टमैटिक रिव्यू पब्लिश हुआ। इसके मुताबिक, पिलाटेस महिलाओं (खासकर पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं) में क्रॉनिक लोअर बैक पेन कम करने और शारीरिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में पिलाटेस पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. विनोद सैनी, सीनियर कंसल्टेंट, फिजियोथेरेपी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- पिलाटेस क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पिलाटेस कितनी तरह का होता है? जवाब- पिलाटेस के सभी प्रकार नीचे ग्राफिक में देखिए- आइए, अब इन्हें विस्तार से समझते हैं- मैट पिलाटेस रिफॉर्मर पिलाटेस क्लासिकल पिलाटेस कॉन्टेम्परेरी पिलाटेस क्लिनिकल पिलाटेस चोट या किसी हेल्थ प्रॉब्लम से उबर रहे लोगों के लिए एक्सपर्ट की निगरानी में कराया जाता है। सवाल- पिलाटेस कैसे किया जाता है? जवाब- इसमें व्यक्ति मैट पर लेटकर, बैठकर या खड़े होकर अलग-अलग एक्सरसाइज करता है। हर मूवमेंट के दौरान सांस लेने और छोड़ने का भी खास ध्यान रखा जाता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- योग और पिलाटेस में क्या फर्क है? जवाब- योग को मन और शरीर दोनों के अभ्यास के रूप में देखा जाता है। जबकि पिलाटेस को फिटनेस और बॉडी कंडीशनिंग एक्सरसाइज माना जाता हैं। ग्राफिक में दोनों के बीच के सभी फर्क देखिए- सवाल- पिलाटेस से शरीर को क्या फायदे होते हैं? जवाब- यह शरीर की ताकत, संतुलन और मूवमेंट को बेहतर बनाने पर फोकस करता है। रेगुलर पिलाटेस करने के सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पिलाटेस से वजन कम होता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या पिलाटेस पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करता है? जवाब- हां, पिलाटेस की कई एक्सरसाइज में पेट, कूल्हों और पेल्विक फ्लोर की मसल्स एक साथ काम करती हैं। इनसे इन मसल्स की ताकत और उन पर नियंत्रण बेहतर हो सकता है। सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान पिलाटेस कर सकते हैं? जवाब- हां, अगर बहुत ज्यादा दर्द, थकान या असहजता नहीं है, तो हल्के या मध्यम स्तर की पिलाटेस एक्सरसाइज करना आमतौर पर सेफ माना जाता है। सवाल- क्या मेनोपॉज में पिलाटेस फायदेमंद है? जवाब- हां, इस समय महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इससे मसल्स की ताकत, संतुलन और हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। पिलाटेस मसल्स को एक्टिव रखने, शरीर का संतुलन बनाए रखने और मूवमेंट को बेहतर बनाने में मदद करता है। सवाल- किन बीमारियों में पिलाटेस फायदेमंद हो सकता है? जवाब- पिलाटेस किसी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन यह कई हेल्थ कंडीशंस में फायदेमंद हो सकता है। इसे डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को पिलाटेस नहीं करना चाहिए? जवाब- पिलाटेस आमतौर पर सुरक्षित एक्सरसाइज है, लेकिन कुछ लोगों को इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- पिलाटेस करते समय कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- पिलाटेस में सही तकनीक बहुत जरूरी होती है। गलत तरीके से एक्सरसाइज करने पर चोट लगने का रिस्क भी बढ़ सकता है। ऐसे में ये गलतियां नहीं करनी चाहिए- सवाल- हफ्ते में कितने दिन पिलाटेस कर सकते हैं? जवाब- व्यक्ति अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य के अनुसार हफ्ते में 2-5 दिन पिलाटेस कर सकता है। अगर कोई शुरुआत कर रहा है, तो हफ्ते में 2-3 दिन पिलाटेस करना पर्याप्त है। सवाल- क्या पिलाटेस सिर्फ महिलाओं के लिए है? जवाब- नहीं, पिलाटेस सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं है। पुरुष और महिलाएं, दोनों इसे कर सकते हैं। पिलाटेस से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब सवाल- एक पिलाटेस सेशन कितनी देर का होना चाहिए? जवाब- एक पिलाटेस सेशन आमतौर पर 30-60 मिनट का होता है। शुरुआती लोग 20-30 मिनट से शुरुआत कर सकते हैं। एक्सरसाइज की अवधि व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और अनुभव पर निर्भर करती है। सवाल- पिलाटेस करने का बेस्ट समय क्या है? जवाब- इसे सुबह, शाम या दिन में किसी भी समय किया जा सकता है। समय से ज्यादा जरूरी कंसिस्टेंसी है। इसलिए अपनी दिनचर्या के अनुसार ऐसा समय चुनें, जिसे लंबे समय तक बनाए रखना आसान हो। सवाल- क्या पिलाटेस से पहले वार्मअप करना जरूरी है? जवाब- हां, इससे शरीर एक्सरसाइज के लिए तैयार होता है और मांसपेशियों व जोड़ों में जकड़न कम हो सकती है। सवाल- पिलाटेस से पहले और बाद में क्या खाना चाहिए? जवाब- पिलाटेस करने के पहले फल, ड्राई फ्रूट्स या अन्य हल्का स्नैक ले सकते हैं। वहीं एक्सरसाइज के बाद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट रिच फूड लेना फायदेमंद होता है। सवाल- क्या बुजुर्ग लोग पिलाटेस कर सकते हैं? जवाब- हां, बुजुर्ग लोग भी पिलाटेस कर सकते हैं। सवाल- क्या पिलाटेस करने से पोश्चर सुधर सकता है? जवाब- हां, यह शरीर की उन मसल्स पर काम करता है, जो बैठने, खड़े होने और चलने के दौरान शरीर को सही स्थिति में रखने में मदद करती हैं। ………………………… ग्राफिक- विपुल शर्मा ………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- फिटनेस का नया ट्रेंड ‘रकिंग’:पीठ पर वजन लेकर चलने-दौड़ने के 10 फायदे, न करें ये गलतियां, बरतें 8 जरूरी सावधानियां फिट रहने के लिए लोग जिम जाते हैं। वॉकिंग, जॉगिंग, रनिंग जैसी एक्सरसाइज करते हैं। इन सब अलग–अलग वर्कआउट के बीच आजकल एक नई फिटनेस एक्टिविटी तेजी से पॉपुलर हो रही है, जिसे ‘रकिंग’ कहते हैं। इसमें व्यक्ति अपनी पीठ पर वजन वाला बैग लेकर चलता या दौड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…