रसोइयों को छह हजार रुपये मासिक मानदेय राज्य सरकार और एक हजार रुपये केंद्र सरकार की ओर से मिलता है। स्कूलों को सब्जी, गैस, दूध, दही और गुड़ जैसी चीजें भी खरीदनी पड़ती हैं। भुगतान अटकने से स्कूलों के लिए रोजाना भोजन तैयार करना मुश्किल हो रहा है।