क्या कभी ऐसा हुआ है कि काम का दबाव बढ़ते ही बेचैनी होने लगे, दिमाग में एक साथ कई विचार चलने लगें? ऐसी स्थिति में कुछ देर रुककर गहरी सांस लेने की सलाह दी जाती है। इसके लिए लोग अलग-अलग तरह की ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते हैं। इन्हीं में से एक है बॉक्स ब्रीदिंग, जिसे स्क्वायर ब्रीदिंग भी कहा जाता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि इस तकनीक से तनाव कम करने, मन को शांत रखने और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बॉक्स ब्रीदिंग पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– डॉ. अरुण कुमार साव, असिस्टेंट प्रोफेसर, योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, म.प्र. सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग क्या है? जवाब- इसे पॉइंट्स से समझिए- यह एक की ब्रीदिंग एक्सरसाइज है, जिसमें सांसों को नियंत्रित किया जाता है। इसमें पहले सांस अंदर ली जाती है, फिर कुछ देर रोककर धीरे-धीरे बाहर छोड़ी जाती है। इसके बाद दोबारा सांस लेने से पहले कुछ सेकेंड रुकते हैं। आमतौर पर हर स्टेप को 4 सेकेंड तक करने की सलाह दी जाती है। सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग और सामान्य ब्रीदिंग में क्या फर्क है? जवाब- सामान्य ब्रीदिंग में स्वाभाविक रूप से सांस लेते और छोड़ते हैं। वहीं बॉक्स ब्रीदिंग में इसका एक तय पैटर्न होता है। दोनों में सभी फर्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग करने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या बॉक्स ब्रीदिंग पर कोई साइंटिफिक स्टडी हुई है? जवाब- हां, अगस्त 2026 में ‘साइंस डायरेक्ट’ में पब्लिश एक स्टडी में बॉक्स ब्रीदिंग के प्रभावों का आकलन किया गया। सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- रेगुलर बॉक्स ब्रीदिंग करने से शरीर के स्ट्रेस रिस्पॉन्स को शांत करने में मदद मिलती है। इसके संभावित फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग करने का सही तरीका क्या है? जवाब- बॉक्स ब्रीदिंग करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें- सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग करने का सही समय क्या है? जवाब- इसके लिए कोई एक तय समय नहीं है। इसे जरूरत और सुविधा के अनुसार दिन में कभी भी कर सकते हैं। ध्यान रखें: अभ्यास के दौरान चक्कर या घुटन महसूस हो, तो इसे रोक दें। सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग कितनी देर और कितनी बार करनी चाहिए? जवाब- शुरुआत में बॉक्स ब्रीदिंग को 3-5 मिनट तक करना पर्याप्त है। इसे दिन में 1-2 बार किया जा सकता है। शुरुआत में 3-4 राउंड से शुरू करें और सहज महसूस होने पर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- बॉक्स ब्रीदिंग आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन इस दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखें, इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को बॉक्स ब्रीदिंग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- स्वस्थ लोगों के लिए यह एक सुरक्षित ब्रीदिंग एक्सरसाइज है। लेकिन कुछ लोगों को सांस रोकने वाली इस एक्सरसाइज को करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, जैसेकि- सवाल- अगर स्ट्रेस है तो क्या बॉक्स ब्रीदिंग से तुरंत राहत मिलती है? जवाब- बॉक्स ब्रीदिंग से कुछ लोगों को कुछ ही मिनटों में तनाव और बेचैनी कम महसूस हो सकती है। लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है। सवाल- क्या सोने से पहले बॉक्स ब्रीदिंग करने से अच्छी नींद आती है? जवाब- हां, सोने से पहले बॉक्स ब्रीदिंग करने से मन शांत करने और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे शरीर को आराम महसूस हो सकता है और नींद आने में आसानी हो सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को इससे अच्छी नींद आए। सवाल- बॉक्स ब्रीदिंग और 4-7-8 ब्रीदिंग में क्या अंतर है? जवाब- दोनों नियंत्रित ब्रीदिंग एक्सरसाइज हैं, लेकिन इनका पैटर्न अलग है। बॉक्स ब्रीदिंग में 4-4-4-4 का पैटर्न होता है, जबकि 4-7-8 ब्रीदिंग में 4 सेकेंड सांस लेना, 7 सेकेंड रोकना और 8 सेकेंड में सांस छोड़ना शामिल है। सवाल- अगर सांस रोकना मुश्किल लगे तो क्या बॉक्स ब्रीदिंग का तरीका बदल सकते हैं? जवाब- हां, अपनी सुविधा के अनुसार समय कम कर सकते हैं। शुरुआत में 4 सेकेंड की जगह 2-3 सेकेंड से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। चक्कर या असहजता हो तो एक्सरसाइज रोक दें। ………………….. ग्राफिक- महेंद्र वर्मा …………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- 100 साल पुरानी एक्सरसाइज सेलेब्स की फेवरेट:डॉक्टर से जानें पिलाटेस के हेल्थ बेनिफिट्स, करने का सही तरीका, किन्हें नहीं करना चाहिए करीब 100 साल पहले प्रथम विश्व युद्ध के दौरान कुछ घायल सैनिक अस्पताल के बिस्तरों पर पड़े थे। उनके लिए न जिम था, न आधुनिक फिटनेस उपकरण। तब जर्मन फिटनेस एक्सपर्ट जोसेफ पिलाटेस ने बिस्तरों में स्प्रिंग लगाकर ऐसी एक्सरसाइज तैयार की, जिससे मरीज लेटे-लेटे ही शरीर को एक्टिव रख सकें। पूरी खबर पढ़ें…