जो लोग बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हैं, उन्होंने कल अपनी आंखों से झलक देख ली। बैलट के चुनाव में वोट और बूथ कैसे लूटे जाते हैं, वो सब कैमरे में क़ैद है। लेकिन पहले जो होता था, उसके मुक़ाबले ये कुछ भी नहीं है।