इटली में हिंसक प्रदर्शन किया तो ₹21 लाख तक जुर्माना:5 साल तक जेल; मिलान में लूटपाट-आगजनी के बाद नए नियम लागू

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इटली में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अब 5 साल तक जेल और करीब 21 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी के बाद सुरक्षा के नए नियमों को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नाबालिगों के किए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। साथ ही, 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान होगा। मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात होंगे सरकार ने मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए साल के आखिर तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का शामिल होना दुखद और डराने वाला है। उन्होंने कहा, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा चीजें तोड़ने, चोरी करने और ऐसा करते हुए अपना वीडियो बनाने आए थे। मेलोनी के मुताबिक, इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसा करने के लिए प्रेरित न हों। चेहरा ढकने या किसी को चोट पहुंचाने पर बढ़ेगी सजा नए नियमों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध बनाया गया है। अगर कोई आरोपी चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को उसकी भरपाई करनी होगी। सरकार के इस आदेश को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। संसद को 60 दिनों के भीतर इसे कानून में बदलना होगा। 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान नए नियमों में 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि बच्चा अपने काम को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक यह फैसला जज करते थे कि कोई नाबालिग अपने काम के सही-गलत होने और उसके नतीजों को समझ सकता है या नहीं। नए नियमों से इस प्रक्रिया में बदलाव होगा। मेलोनी ने कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में और जगह बनाएगी। किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों को संभालने में मदद मिल सके। दो दिन की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल मिलान के मुख्य खरीदारी इलाके में 17 अक्टूबर को हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्ति में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस छोड़ी। 18 अक्टूबर को भी लूटपाट और हिंसा जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। मिलान पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2000 युवा हिंसा में शामिल हुए थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां पैदा हुए और बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग, साथ ही दूसरे देशों के नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। स्कूलों की हालत पर 30 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान इटली में लोग कम सैलरी, महंगा रहन-सनह और खराब सरकारी सुविधाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। महंगे मकानों और किराए की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…