नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और उद्योगों को पानी की निरंतर सप्लाई के लिए शहर के गंदे पानी को आधुनिक तकनीक से उपचारित कर उपयोग में लाने के लिए 165 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है।