कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राशि प्रमुख सचिव को निजी खाते से जमा करनी होगी, सरकारी खजाने से नहीं। निर्धारित समय में जवाब पेश नहीं होने पर प्रमुख सचिव को तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा।