पिछली दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से कई बच्चे और बड़े झुलस गए थे। आंखों और चेहरे पर गंभीर चोटों के मामले भी सामने आए थे। अलग यूनिट नहीं होने से मरीजों का इलाज सामान्य वार्ड में करना पड़ा था।