मोहन भागवत के संबोधन से एक बात तो साफ़ है, मोदी विरोधी जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उसको लेकर RSS और BJP दोनों की राय एक है। भागवत ने भी प्रशांत भूषण के 'regime change' और नेहा बोरा के बांग्लादेश जैसे आंदोलन की कॉल को अच्छी तरह धोया।