इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने आपत्तियां दर्ज कराईं। याचिकाकर्ता पक्ष ने माड्यूल में प्रशिक्षण की पारदर्शिता, विद्यार्थियों की पसंद, बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण की लागत जैसे व्यावहारिक मुद्दे उठाए।