आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के 'पद्मनाभ' स्वरूप की पूजा-अर्चना और व्रत रखने का विधान है। इस दिन व्रत कथा सुनने तथा दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और उसकी 10 पीढ़ियों का उद्धार होता है।