केंद्र शासन ने वर्ष 2019 में भूजल नीति तैयार कर ली थी। राज्य शासन को इस नीति के क्रियान्वयन पर काम करना था। शासन बताए कि उसने अब तक इस दिशा में क्या कदम उठाए। यह सवाल मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य शासन से किया है।