Gmail के डेटा से पर्सनल होंगे Ads? समझें Google की नई पॉलिसी

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इंटरनेट पर सर्च करते समय या किसी वेबसाइट पर जाते हुए कई बार ऐसे विज्ञापन दिखाई देते हैं, जो हमारी पसंद से काफी मिलते-जुलते होते हैं. इसकी वजह ऑनलाइन एक्टिविटी और विज्ञापनों को पर्सनलाइज करने वाली तकनीक हो सकती है. अब Google की नई प्राइवेसी पॉलिसी ने इस विषय को फिर चर्चा में ला दिया है.कंपनी ने साफ किया है कि कुछ परिस्थितियों में Gmail, Google Drive और Google Photos से जुड़ी जानकारी का यूज पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर यूजर का पर्सनल डेटा अपने आप विज्ञापन देने वालों तक पहुंचने लगेगा. यह काफी हद तक यूजर की परमिशन और संबंधित सेवाओं की सेटिंग्स पर निर्भर करता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि नई पॉलिसी क्या कहती है. Google की नई प्राइवेसी पॉलिसी में क्या है?Android Authority की रिपोर्ट के मुताबिक, Google ने 16 अक्टूबर को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया. पहले कंपनी की पॉलिसी में कहा गया था कि Gmail, Google Drive और Google Photos के कंटेंट का यूज पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं किया जाता है. अब इसमें एक शर्त जोड़ी गई है, जिसके तहत इन सेवाओं की जानकारी दूसरी Google सेवाओं के जरिए विज्ञापनों को पर्सनलाइज करने में यूज हो सकती है. यह स्थिति तब बन सकती है, जब यूजर अपनी जानकारी को ऐसी दूसरी सेवाओं के साथ यूज करने की परमिशन देता है, हालांकि डेटा का यूज किस तरह होगा, यह संबंधित सेवा की पॉलिसी और यूजर की सेटिंग्स पर निर्भर करेगा. Gemini और Google Search से क्या है कनेक्शन?अगर यूजर Gmail, Google Photos और Google Drive को Google की दूसरी सेवाओं, जैसे Gemini या Google Search के AI फीचर से कनेक्ट करता है, तो ये सेवाएं उसकी जानकारी का यूज करके ज्यादा यूजफुल जवाब और सुझाव दे सकती हैं. जैसे यूजर की परमिशन के आधार पर AI को उसकी कुछ जानकारी का एक्सेस मिल सकता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर यूजर का डेटा विज्ञापन दिखाने के लिए यूज होगा. यह इस बात पर निर्भर करता है कि यूजर ने कौन-सी सेटिंग्स ऑन की हैं और किन सेवाओं को जानकारी यूज करने की परमिशन दी है. यह भी पढ़ें - कीपैड फोन में डिजिटल पेमेंट की एंट्री, Itel 2165C में PhonePe सपोर्टक्या विज्ञापन देने वालों को आपकी पर्सनल जानकारी मिलेगी?Google के मुताबिक, विज्ञापन सीधे यूजर के Gmail इनबॉक्स या Google Photos में मौजूद कंटेंट के आधार पर नहीं दिखाए जाएंगे. कंपनी विज्ञापन देने वालों को यूजर्स के ईमेल और फोटो देखने की सुविधा नहीं देती है. साथ ही यूजर का नाम और ईमेल एड्रेस जैसी पहचान से जुड़ी जानकारी भी शेयर नहीं की जाती है.यह भी पढ़ें - Instagram की पसंदीदा Reels अब WhatsApp पर भेजना होगा आसान, जानें कैसे