‘पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती’- यह कहावत शनिवार को उज्जैन जिले में आयोजित ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के दौरान चरितार्थ होती दिखाई दी। ग्रामीण अंचलों में घूंघट की मर्यादा और परंपराओं के बीच जब महिलाओं के हाथों में कलम आई, तो साक्षरता का एक नया सवेरा देखने को मिला।