जब बहू बनी ‘अक्षर साथी’ और सास ने दी साक्षरता परीक्षा, उज्जैन जिले के 1263 केंद्रों पर 70 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने लिया हिस्सा

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‘पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती’- यह कहावत शनिवार को उज्जैन जिले में आयोजित ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के दौरान चरितार्थ होती दिखाई दी। ग्रामीण अंचलों में घूंघट की मर्यादा और परंपराओं के बीच जब महिलाओं के हाथों में कलम आई, तो साक्षरता का एक नया सवेरा देखने को मिला।