दो दिन में जानकारी भेजने का फरमान जारी करने वाले आरक्षक संदीप रघुवंशी पर पांच दिन बाद ही कार्रवाई हो गई। महाधिवक्ता कार्यालय ने लेटरहेड के इस्तेमाल को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उनका प्रवेश अनुचित ठहराया और मूल विभाग से काम करने के निर्देश दिए।