रिठौरा घाट पर बने टावर पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो घाटों की सामान्य स्थिति में बदलाव पहचान सकेगा।