अल्बानिया में छात्रों ने PM ऑफिस की कुर्सियां जलाईं:प्रधानमंत्री ने खुद इन्हें रखा था, इन पर लिखा था- बातचीत करें

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अल्बानिया में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी। प्रधानमंत्री एडी रामा ने छात्रों से बातचीत करने के लिए ये कुर्सियां और पत्थर की एक बड़ी मेज रखवाई थी। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ यानी बातचीत लिखा था, लेकिन छात्रों ने बातचीत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कुर्सियों पर ‘इस्तीफा’ लिखकर अपना विरोध जताया। राजधानी तिराना में छात्र और युवा पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदर्शनकारी पहले शिक्षा मंत्रालय के बाहर जुटे। यहां उन्होंने कुछ देर तक प्रदर्शन किया और इमारत पर पत्थर भी फेंके। इसके बाद वे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गए और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। अल्बानिया में छात्रों की मांगें क्या है? ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा सरकार के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब भ्रष्टाचार, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण से जुड़े कई मुद्दों पर फैल गया है। इस विरोध की एक बड़ी वजह सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना को लेकर भी कई महीनों से नाराजगी है। योजना के तहत दो प्रमुख क्षेत्रों में पर्यटन विकास की बात है: सान्जान द्वीप: एड्रियाटिक सागर में स्थित यह द्वीप बड़े पर्यटन परिसर के लिए प्रस्तावित है। व्योसा-नार्ता का तटीय इलाका: यह दक्षिणी अल्बानिया का संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र है, जहां फ्लेमिंगो समेत कई पक्षी और समुद्री जीव पाए जाते हैं। परियोजना से जुड़े प्रस्ताव में लग्जरी होटल, विला, अपार्टमेंट और नौकाओं के लिए बंदरगाह जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पर्यावरण संगठनों को आशंका है कि बड़े निर्माण से समुद्र तट, आर्द्रभूमि और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच सकता है। इस इलाके में प्रवासी पक्षियों के अलावा समुद्री कछुए और सील जैसे जीव भी पाए जाते हैं। हिंसक प्रदर्शन के बाद नया कानून लाएंगे रामा प्रधानमंत्री एडी रामा ने हिंसा और शहर में तोड़फोड़ रोकने के लिए नए कानूनी उपायों का ऐलान किया है। इसके तहत हिंसा में नुकसान उठाने वाले कारोबारियों को मुआवजा दिया जाएगा। छोटे कारोबारियों को नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा, जबकि बड़े कारोबारियों को 70% रकम दी जाएगी। पत्रकारों, डॉक्टरों, निगरानी करने वालों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वहां से गुजर रहे लोगों को इससे छूट मिलेगी। नए नियमों से लोगों के प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की आजादी पर रोक नहीं लगेगी। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे: सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…