शिक्षिकाओं का कहना है कि कई दिनों से सामने आ रही इस तकनीकी समस्या की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।