दिल्ली में BRICS समिट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर मनीष कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि BRICS समिट में दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवान और पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां तैनात रहेंगी। स्पेशल कमिश्नर के मुताबिक, एयरपोर्ट, होटल, भारत मंडपम और विदेशी मेहमानों के आने-जाने वाले रास्तों पर खास सुरक्षा रहेगी। प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण 10 से 14 सितंबर तक ट्रैफिक में बदलाव किया जा सकता है और कुछ रास्तों पर रोक भी लग सकती है। समिट को देखते हुए DGCA ने 7 राज्यों के फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की उड़ानों पर रोक लगा दी है। यह पाबंदी 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक रहेगी। इस दौरान इन राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर से किसी भी विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। BRICS समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को होगी। इस साल समिट की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखी गई है। विदेशी प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और उनके आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों की पहले से जांच की जा चुकी है। दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें… स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े। NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है। एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है। BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना। अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है। --------------------ये खबर भी पढ़ें… ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है। यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…