यह मामला भारती जाट और विकास जाट के बीच वैवाहिक विवाद से जुड़ा है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने आठ सितंबर को मामले की सुनवाई की। पत्नी ने श्योपुर परिवार न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2025 को पारित एकतरफा तलाक की डिक्री को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।