न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का मतलब अभियुक्त के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रहना होगा। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।