गणेश चतुर्थी पर चांद देखना मिथ्या दोष या मिथ्या कलंक से बचने के लिए मना है, जिसका मतलब है चोरी का झूठा आरोप। यह मान्यता एक मशहूर कहानी से जुड़ी है।