दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और इसी के साथ टेक्नोलॉजी भी ग्लोबल सहयोग का बड़ा हिस्सा बनती जा रही है. नई दिल्ली में हो रहे BRICS Summit 2026 में ट्रेड और निवेश के साथ AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप जैसे टेक सेक्टर्स पर भी खास फोकस देखने को मिल रहा है. भारत की BRICS अध्यक्षता में इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में यह समिट सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ने की दिशा भी तय कर रहा है. AI और डिजिटल सर्विसेज पर बढ़ेगा सहयोगजितिन प्रसाद ने AI और डिजिटल सर्विसेज को BRICS देशों के लिए नए अवसरों वाला सेक्टर बताया. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ना चाहिए और ट्रेड साथ ही सर्विसेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है. डिजिटल सर्विसेज में नए मौके पैदा हो रहे हैं और AI के क्षेत्र में मिलकर काम करने से इसका फायदा उठाया जा सकता है. उन्होंने AI को ग्लोबल साउथ के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी बताया. BRICS में Tech Strategy BRICS में Tech Strategy बनाने के लिए सदस्य देश AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल सर्विसेज, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे टेक क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे. इसमें टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को शेयर करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच नई टेक पहल को जोड़ने पर जोर रहेगा. भारत अपनी BRICS अध्यक्षता में AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों को खास प्राथमिकता दे रहा है, जिससे सदस्य देश मिलकर टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी में आगे बढ़ सकें.BRICS में सेमीकंडक्टर भी एजेंडाBRICS Summit में सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी जरूरी माना गया है. भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और Semiconductor Mission 2.0 की शुरुआत कर चुका है. भारत ने BRICS सदस्य देशों को इस सेक्टर में साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है. भारत अपनी सेमीकंडक्टर पहल को BRICS के सभी सदस्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें - कहां बेचें अपना पुराना आईफोन? इन वेबसाइट्स पर मिलेगा अच्छा दामस्टार्टअप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोरटेक्नोलॉजी के साथ स्टार्टअप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी चर्चा के केंद्र में हैं. भारत ने Digital Public Infrastructure को बढ़ावा देने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं. वहीं भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान BRICS Incubator Network और BRICS Startup Innovation Fund जैसे प्रस्ताव भी संभावित नतीजों में शामिल हैं. इनका उद्देश्य स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए सहयोग का रास्ता मजबूत करना है. यह भी पढ़ें - चांद की बर्फ और क्रेटर मैप करेगा IBM-NASA का AI, जानें कैसे?