स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) से मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र तक सभी सेवाएं पेपरलेस करने की योजना बनाई है।