DU के कई कॉलेजों में हजारों छात्र पढ़ते हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त हॉस्टल की सुविधा नहीं है। हॉस्टल नहीं मिलने के कारण बाहर से आने वाले छात्रों को महंगे PG या किराए के कमरों में रहना पड़ता है।