अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश विषयों का तत्काल निराकरण कर दिया गया है, जबकि शेष विषय प्रक्रिया में हैं। इससे विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में संस्थान की ओर से कदम उठाने का दावा किया गया है।