अगर मुस्लिम भी गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होने चाहिए। नवरात्रि में होने वाले गरबा में मुस्लिमों के एंट्री के लेकर मचे विवाद के बीच यह बात महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कही है। दरअसल, अमृता मंगलवार को चंद्रपुर के सबसे बड़े महाशिवलिंग मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम में पहुंची थीं। यहां उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की। इसी दौरान महाराष्ट्र से बीजेपी नेता नितेश राणे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने यह बयान दिया। हाल ही में राणे ने गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री का विरोध किया था। नितेश राणे ने लगाया था लव-जिहाद का आरोप नितेश राणे ने सोमवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा था- कुछ मुस्लिम युवक हिंदू नाम बताकर या हिंदू होने का ढोंग करके गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश करते हैं, माथे पर तिला लगाते हैं और हिंदू लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने इसे 'लव जिहाद' का खतरा बताते हुए हिंदू लड़कियों की सुरक्षा के लिए मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश न देने की मांग की थी। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की मांग का समर्थन करते हुए कहा था- जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। हरेक गरबा मैदानों में लोगों को प्रवेश से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा। VHP ने किया है गरबा में मुस्लिमोंं को नो एंट्री का ऐलान विहिप ने 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र में मुसलमानों को 'गरबा' और 'डांडिया' कार्यक्रमों में 'नो एंट्री' का ऐलान किया है। वीएचपी ने आयोजकों से अपील की है कि वे प्रवेश द्वार पर प्रतिभागियों का आधार कार्ड चेक करें और उनके माथे पर तिलक लगाएं ताकि केवल हिंदू पहचान वाले लोग ही अंदर आ सकें।