दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद अब कंक्रीट की धूल और मानसिक सदमे के कारण स्वास्थ्य का नया संकट खड़ा हो गया है। इससे फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही ट्रॉमा और PTSD का भी खतरा है।