Iodine Deficiency: आयोडीन की कमी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें

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Why Iodine Is Essential For Thyroid Health: आयोडीन शरीर के लिए जरूरी खनिजों में से एक है, जिसकी मात्रा भले ही कम चाहिए होती है, लेकिन इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. यह शरीर में थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करता है. ये हार्मोन मेटाबॉलिज्म, एनर्जी के स्तर और शरीर की सामान्य वृद्धि जैसे कई जरूरी कामों को प्रभावित करते हैं. खासकर बच्चों के ब्रेन विकास और सीखने-समझने की क्षमता के लिए पर्याप्त आयोडीन जरूरी माना जाता है. गर्भावस्था के दौरान भी आयोडीन की जरूरत पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह भ्रूण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के अनुसार, शरीर में आयोडीन की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर स्वास्थ्य पर अलग-अलग तरीकों से दिखाई दे सकता है. आयोडीन की कमी से गले में थायरॉइड ग्रंथि बढ़ने की समस्या हो सकती है, जिसे घेंघा कहा जाता है. इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम होने से थकान, वजन बढ़ना और ठंड ज्यादा महसूस होना जैसी परेशानियां हो सकती हैं. बच्चों में इसकी कमी विकास और मानसिक क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है. एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें भी आयोडीन की कमी से जुड़ी हो सकती हैं. गर्भावस्था में पर्याप्त आयोडीन न मिलना भी चिंता का विषय हो सकता है.आयोडीन शरीर के लिए क्यों है इतना जरूरी?आयोडीन का सबसे अहम काम थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में मदद करना है. ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के साथ ऊर्जा के इस्तेमाल और सामान्य विकास में भी भूमिका निभाते हैं. बच्चों के विकास के दौरान इसका महत्व और बढ़ जाता है. गर्भावस्था में पर्याप्त आयोडीन भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी होता है. इसलिए रोजाना के भोजन में आयोडीन के पर्याप्त सोर्स शामिल करना जरूरी है.आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?आयोडीन पाने का सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है. रोजाना खाना बनाते समय सामान्य नमक की जगह आयोडीन युक्त नमक चुनकर शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है. हालांकि नमक का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा करना सही नहीं है, इसलिए आयोडीन पाने के लिए नमक की मात्रा बढ़ाने के बजाय सही प्रकार का नमक चुनना बेहतर तरीका है.समुद्री खाद्य पदार्थ भी आयोडीन के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं. समुद्री शैवाल में प्राकृतिक रूप से आयोडीन की मात्रा काफी अधिक हो सकती है. मछली और दूसरे समुद्री खाद्य पदार्थों से भी आयोडीन मिल सकता है. इन्हें अपनी सामान्य खानपान की आदतों और उपलब्धता के अनुसार आहार में शामिल किया जा सकता है.दूध और उससे बने उत्पाद भी आयोडीन देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं. दूध, दही और चीज जैसे डेयरी उत्पादों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है. अंडे भी आयोडीन का एक अच्छा सोर्स हैं और इनमें प्रोटीन भी मिलता है, इसलिए इन्हें भोजन में शामिल करना एक उपयोगी विकल्प हो सकता है.आलू में भी कुछ मात्रा में आयोडीन पाया जाता है. हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग खाद्य स्रोतों को मिलाकर संतुलित आहार लेना बेहतर रहता है. इनके साथ ही अंडे भी आयोडीन का अच्छा सोर्स माने जाते हैं. अंडे में आयोडीन के अलावा प्रोटीन भी मिलता है, इसलिए यह रोजाना के संतुलित आहार में उपयोगी विकल्प हो सकता है.इसे भी पढ़ें: स्क्रीनशॉट लेने की आदत से घट रही है आपकी याददाश्त, नई रिसर्च में खुलासाआयोडीन युक्त नमक को कैसे रखें सुरक्षित?आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना जितना जरूरी है, उसे सही तरीके से रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. आयोडीन नमी, गर्मी और लंबे समय तक रोशनी के संपर्क में रहने से कम हो सकता है. इसलिए नमक को खुले बर्तन में रखने के बजाय सूखे और अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखना बेहतर है. खाना बनाते समय भी नमक को जरूरत से बहुत पहले डालने के बजाय खाना लगभग तैयार होने के आसपास डालना आयोडीन को बनाए रखने में मदद कर सकता है.कुछ खाद्य पदार्थों को लेकर क्यों बरतें सावधानी?कुछ खाद्य पदार्थों को गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थ कहा जाता है, जो थायरॉइड से जुड़ी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं. इनमें पत्तागोभी, फूलगोभी और सोयाबीन जैसी चीजें शामिल हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि इन्हें पूरी तरह खाना बंद कर देना चाहिए. संतुलित मात्रा में इनका सेवन सामान्य आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन आयोडीन की कमी से जूझ रहे लोगों को अपने खानपान को लेकर एक्सपर्ट की सलाह लेना उपयोगी हो सकता है.इसे भी पढ़ें: 3 गुनी ज्यादा शुगर वाली फेंटा कितनी खतरनाक, जानें हेल्थ को कितने गुना नुकसान?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.