दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रहे हादसे ने अब अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अभी मध्यप्रदेश के लगभग 240 किमी हिस्से में यातायात प्रारंभ हुए अभी तीन साल हो चुके हैं और इस दौरान लगभग 1500 से ज्यादा हादसों में 80 लोगों की मौत हो चुकी है।