भुनेश्वर श्रीवास मूलतः हालमीटोला निवासी थे और वर्तमान में मोहला में रह रहे थे। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे वह डुमरटोला के तालाब पहुंचे थे। बताया गया कि उनके करीब 15 वर्षीय बेटे ने कमल का फूल लाने की इच्छा जताई थी।