Roti Making Tips: रोटी नहीं फूल रही, कहीं आटा गूंथने में ये गलती तो नहीं कर रहे?

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Why Rotis Do Not Puff Up On Tawa: रोटी का फूलना देखने में भले ही छोटी सी बात लगे, लेकिन जब रोटी तवे पर अच्छे से फूलकर गुब्बारे जैसी हो जाती है, तो समझ आता है कि आटा और उसे बनाने का तरीका सही रहा है. वहीं अगर रोटी बार-बार सपाट रह जाती है, सूखी या सख्त हो जाती है, तो इसकी वजह सिर्फ बेलने या तवे की गर्मी नहीं होती. कई बार गलती आटा गूंथते समय ही हो जाती है.रोटी को अच्छा फूलाने के लिए आटे का सही होना सबसे जरूरी है. अगर आटा बहुत कड़ा है, बहुत ढीला है या ठीक से गूंथा नहीं गया है, तो बाद में कितनी भी सावधानी से रोटी बेल लें, उसके फूलने में परेशानी आ सकती है.आटा न बहुत सख्त हो, न बहुत चिपचिपारोटी के लिए आटा नरम और मुलायम होना चाहिए. हाथ से छूने पर यह आसानी से दब जाए और बहुत ज्यादा चिपके भी नहीं. अगर आटा गूंथने के बाद कड़ा महसूस हो रहा है, तो संभव है कि उसमें पानी कम पड़ा हो. बहुत कम पानी डालने से आटा सूखा और सख्त हो सकता है. ऐसा आटा बेलते समय किनारों से फटने लगता है और इससे बनी रोटी भी नरम होने के बजाय कड़ी हो सकती है. दूसरी तरफ पानी बहुत ज्यादा पड़ जाए तो आटा चिपचिपा हो जाता है और उसे बेलना मुश्किल हो जाता है. इसलिए पानी एक साथ डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके डालें. लगभग एक कप आटे के लिए करीब 150 मिलीलीटर गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि पानी की सही मात्रा आटे की किस्म पर भी निर्भर करती है.आटा गूंथते समय ये गलती न करेंकई लोग आटा नरम करने के चक्कर में उसे जरूरत से ज्यादा गूंथते रहते हैं. अच्छी रोटी के लिए आटे को ठीक से गूंथना जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा गूंथने से हर बार बेहतर नतीजा नहीं मिलता. आटा इतना नरम होना चाहिए कि दबाने पर हल्का सा वापस अपनी जगह आ जाए. अगर यह बहुत कड़ा है और बेलते समय बार-बार सिकुड़ रहा है, तो सिर्फ जोर लगाकर गूंथते रहने के बजाय उसकी नमी पर ध्यान दें. आटा तैयार होने के बाद उसे तुरंत बेलना भी सही नहीं है. उसे कुछ समय आराम देना जरूरी है.गूंथे हुए आटे को आराम जरूर देंआटा गूंथने के बाद उसे ढककर करीब 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे आटा सेट होता है और उसमें मौजूद ग्लूटेन को आराम मिलता है. इससे आटा ज्यादा आसानी से बेलने लायक बनता है और रोटी के फूलने में भी मदद मिलती है. अगर आटा बेलते समय बार-बार सिकुड़ रहा है, तो हो सकता है कि आपने उसे पर्याप्त समय आराम नहीं दिया हो. आटे को ढककर रखने से वह सूखता भी नहीं है. कुछ लोग आटा गूंथकर तुरंत लोइयां बनाकर बेलना शुरू कर देते हैं. जल्दबाजी में किया गया यह काम रोटी की बनावट पर असर डाल सकता है. इसलिए गूंथने के बाद थोड़ा इंतजार करना बेहतर है.कौन सा आटा इस्तेमाल कर रहे हैं, यह भी मायने रखता हैरोटी बनाने के लिए गेहूं का आटा यानी अट्‌टा इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. आटे की किस्म बदलने पर पानी की जरूरत और उसकी बनावट भी बदल सकती है. इसलिए अगर आटा जरूरत से ज्यादा चिपक रहा है या बहुत सख्त हो रहा है, तो सिर्फ गूंथने के तरीके को दोष देने के बजाय आटे की किस्म पर भी ध्यान दें.आटा सही है, फिर भी रोटी नहीं फूल रही?अगर आटा नरम है, अच्छी तरह गूंथा गया है और उसे आराम भी दिया है, फिर भी रोटी नहीं फूल रही, तो अगली चीज बेलने का तरीका है. रोटी की मोटाई हर जगह लगभग बराबर रखें. कहीं बहुत मोटी और कहीं बहुत पतली रोटी होने पर वह एक जैसी नहीं पकती और भाप भी बराबर नहीं बन पाती. बहुत ज्यादा सूखा आटा लगाकर बेलने से भी रोटी सूखी और सख्त हो सकती है. बस हल्का सा सूखा आटा लगाएं और अतिरिक्त आटा झाड़ दें. रोटी को जितना हो सके गोल और बराबर मोटाई का बेलें. बेलते समय बहुत ज्यादा दबाव डालने की जरूरत नहीं है. हल्के और बराबर हाथ से बेलने की कोशिश करें.इसे भी पढ़ें- Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीकेतवे की गर्मी को भी नजरअंदाज न करेंकभी-कभी आटा सही होने के बावजूद तवे की गर्मी रोटी को फूलने नहीं देती. तवा बहुत ठंडा होगा तो रोटी धीरे-धीरे सूखने लगेगी और फूलने से पहले ही सख्त हो सकती है. वहीं बहुत ज्यादा गर्म तवे पर रोटी बाहर से जल्दी पक या जल सकती है, जबकि अंदर ठीक से नहीं पकती. रोटी सेंकने से पहले तवे को अच्छी तरह गर्म करें. तवे पर पानी की कुछ बूंदें डालकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है. पानी तुरंत चटककर जल्दी सूख जाए तो तवा काफी गर्म है. रोटी डालने के बाद उसे बार-बार पलटने की जरूरत नहीं है. जब हल्के बुलबुले दिखाई देने लगें, तब उसे पलटें. दूसरी तरफ हल्के भूरे निशान आने के बाद दोबारा पलटकर हल्के हाथ से दबाने पर रोटी फूल सकती है.इसे भी पढ़ें- क्या आपके कमरे में भी आती हैं छिपकलियां? जानें भगाने का सही तरीका