Easy Ways To Stop Door Creaking Noise: दरवाजा खोलते या बंद करते ही अगर उसमें से चर्र-चर्र की आवाज आने लगे, तो यह आवाज धीरे-धीरे काफी परेशान करने वाली हो जाती है. खासकर सुबह या रात के समय जब घर में सन्नाटा हो, तब एक छोटी सी आवाज भी साफ सुनाई देती है. ऐसे में हर बार बढ़ई को बुलाने की जरूरत नहीं होती. कई बार दरवाजे की इस आवाज को घर पर ही कुछ आसान तरीकों से ठीक किया जा सकता है.दरवाजे के चरमराने की वजह हमेशा सिर्फ कब्जे में तेल की कमी नहीं होती. कई बार दरवाजे के स्क्रू ढीले हो जाते हैं, कब्जे में जंग लग जाती है, दरवाजे का फ्रेम थोड़ा खिसक जाता है या पेंट की मोटी परत के कारण दरवाजा ठीक से नहीं बैठ पाता. इसलिए पहले आवाज की वजह समझना जरूरी है.ढीले स्क्रू की वजह से तो नहीं आ रही आवाज?समय के साथ लकड़ी के भारी दरवाजे का वजन कब्जों पर पड़ता रहता है. इससे कब्जे के स्क्रू धीरे-धीरे ढीले हो सकते हैं. जब ऐसा होता है तो दरवाजा थोड़ा नीचे की तरफ झुक सकता है और उसका किनारा फ्रेम से रगड़ खाने लगता है. इसी वजह से चर्र-चर्र की आवाज आ सकती है.अगर कोई स्क्रू कसते समय घूमता ही रहे और लकड़ी में पकड़ न बनाए, तो हो सकता है कि उसका छेद ढीला हो गया हो. ऐसे में पुराने छेद में कुछ लकड़ी की माचिस की तीलियां डालकर उसे फिर से मजबूत किया जा सकता है. इसके लिए माचिस की तीली का ज्वलन वाला सिरा हटा दें और लकड़ी वाले हिस्से पर थोड़ा वुड ग्लू लगाकर उसे स्क्रू के छेद में डालें. सूखने के बाद अतिरिक्त हिस्सा हटा दें और वहां थोड़ा लंबा लकड़ी का स्क्रू लगा दें. इससे स्क्रू को लकड़ी में दोबारा अच्छी पकड़ मिल सकती है.कब्जे में घर्षण है तो पिन निकालकर करें सफाईअगर सारे स्क्रू अच्छी तरह कसे हुए हैं, लेकिन दरवाजा हिलाने पर फिर भी आवाज आती है, तो समस्या कब्जे के अंदर हो सकती है. दरवाजे के कब्जे में लगा पिन लगातार घूमता रहता है और समय के साथ वहां घर्षण बढ़ सकता है. दरवाजे को थोड़ा खोलकर उसके नीचे कोई मजबूत सहारा दें, ताकि पिन निकालते समय उसका वजन कब्जे पर न पड़े. इसके बाद पतली कील और हल्के हथौड़े की मदद से कब्जे के पिन को नीचे से धीरे-धीरे ऊपर की तरफ निकालें.पिन बाहर आने के बाद उसके ऊपर पैराफिन वैक्स या साधारण मोम की हल्की परत लगा सकते हैं. ड्राई सिलिकॉन स्प्रे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद पिन को वापस कब्जे में लगाकर अच्छी तरह बैठा दें. इससे धातु के हिस्सों के बीच घर्षण कम हो सकता है और आवाज भी कम हो सकती है.पिन पर जंग लगी है तो पहले उसे हटाएंकई बार नमी की वजह से कब्जे के अंदर लगे पिन पर हल्की जंग जम जाती है. देखने में जंग बहुत कम हो सकती है, लेकिन दरवाजा खुलने-बंद होने पर यही खुरदरी सतह आवाज पैदा कर सकती है. अगर पिन निकालने पर उस पर जंग, गंदगी या खुरदरापन दिखाई दे, तो उसके ऊपर सीधे लुब्रिकेंट लगाने के बजाय पहले उसे साफ करें. बारीक स्टील वूल से पिन को अच्छी तरह रगड़ें. इससे जंग और जमा गंदगी हटाने में मदद मिलेगी. इसके बाद सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से उसे साफ करके वापस कब्जे में लगा दें.फ्रेम और कब्जे के बीच का तालमेल भी देखेंअगर दरवाजा बंद करते समय ही चर्र या टिक जैसी आवाज आती है, तो संभव है कि दरवाजा और उसका फ्रेम ठीक से अलाइन न हो. समय के साथ लकड़ी का फ्रेम थोड़ा खिसक सकता है और कब्जे के हिस्से एक-दूसरे पर दबाव डालने लगते हैं. ऐसे में कब्जे की प्लेट के पीछे पतले कार्डबोर्ड या खास हिंग शिम की बहुत पतली परत लगाई जा सकती है. इससे कब्जे की स्थिति थोड़ी बदलती है और दबाव वाले हिस्से को राहत मिल सकती है. हालांकि इसे करते समय स्क्रू और कब्जे को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखें.इसे भी पढ़ें- Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीकेपेंट की मोटी परत भी बन सकती है वजहपुराने घरों में दरवाजे और कब्जों पर कई बार पेंट की एक के ऊपर एक परत चढ़ जाती है. अगर कब्जे के आसपास बहुत ज्यादा पेंट जमा हो गया है, तो कब्जे की प्लेट लकड़ी पर पूरी तरह सपाट नहीं बैठ पाती. इससे दरवाजा बंद करते समय रगड़ पैदा हो सकती है और आवाज आने लगती है. ऐसी स्थिति में तेज क्राफ्ट नाइफ या स्क्रेपर की मदद से पेंट की अतिरिक्त परत को सावधानी से हटाया जा सकता है. काम करते समय हाथ और लकड़ी दोनों को सुरक्षित रखें.जरूरत पड़े तो कब्जे बदलना भी आसान उपाय हैअगर पुराने कब्जे बहुत ज्यादा घिस चुके हैं, टेढ़े हैं या लंबे समय से समस्या दे रहे हैं, तो उन्हें बदलना ज्यादा सही विकल्प हो सकता है. भारी लकड़ी के दरवाजों के लिए बॉल-बेयरिंग वाले कब्जे भी इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें घर्षण कम करने के लिए बेयरिंग होती है, जिससे दरवाजा ज्यादा आसानी से खुल और बंद हो सकता है.इसे भी पढ़ें- क्या आपके कमरे में भी आती हैं छिपकलियां? जानें भगाने का सही तरीका