ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि बंदरों को नहीं पकड़वाया जाता है तो उन्हें इच्छा मृत्यु का आदेश देने की कृपा की जाए। ग्रामीणों की इस मांग ने बंदरों के आतंक की समस्या को लेकर प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।