दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सितंबर के अंत तक निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 23 जून 2026 की पहली समीक्षा के बाद यह एलजी की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक थी। इसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एलजी ने सुझाव दिया कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले प्रत्येक मरीज की उसकी मूल बीमारी के अलावा टीबी की भी जांच की जाए। मरीज या परिजन की सहमति से अस्पताल में भर्ती के समय ही स्क्रीनिंग करने पर जोर दिया गया, ताकि टीबी का कोई मामला छूटे नहीं और समय पर उपचार शुरू किया जा सके। समीक्षा में सामने आया कि 30 सितंबर 2026 तक टीबी की रोकथाम और उपचार से जुड़े दो प्रमुख लक्ष्यों को हासिल करना जरूरी है। एलजी ने परिचालन स्तर पर मौजूद कमियों को तत्काल दूर कर तय समय सीमा में लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में अस्पतालों में हैंडहेल्ड और एआई-संचालित पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के उपयोग की भी समीक्षा हुई। रेडियोग्राफरों की कमी के कारण इन मशीनों का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। एलजी ने इस जनशक्ति की कमी को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया से कलंक के खिलाफ अभियान टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को खत्म करने के लिए सोशल मीडिया और जनसंचार माध्यमों के व्यापक इस्तेमाल का फैसला किया गया। खासतौर पर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर जांच के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।