टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों और पूछताछ के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि वन्यजीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदे के पीछे और कितने लोग शामिल थे।