आपकी मुस्कान बता सकती है ओरल हेल्थ का हाल, इसे कैसे ठीक करें?

Wait 5 sec.

सुबह उठकर ब्रश करना हमारी रोज की आदत है, लेकिन क्या हम अपने दांतों और मसूड़ों की सेहत पर उतना ही ध्यान देते हैं? अक्सर दांतों की सफाई को सिर्फ अच्छी स्माइल से जोड़कर देखा जाता है. जबकि ओरल हेल्थ का असर हमारे पूरे जीवन पर पड़ता है. दांतों में दर्द, बदबू या मसूड़ों की परेशानी की वजह से कई लोग लोगों के सामने खुलकर हंसने और बात करने से भी कतराते हैं. इसलिए दांतों की देखभाल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अच्छी सेहत और आत्मविश्वास के लिए भी जरूरी है.दांतों को लेकर झिझक बदल सकती है आपकी सोशल लाइफकई लोगों को अपने दांतों का रंग, आकार या उनकी बनावट पसंद नहीं आती. इसका असर उनकी रोजमर्रा की बातचीत पर भी दिखाई देता है. कुछ लोग फोटो में कम मुस्कुराते हैं तो कुछ हंसते समय अपने मुंह पर हाथ रख लेते हैं. ऐसी छोटी-छोटी झिझक धीरे-धीरे कॉन्फिडेंस को प्रभावित करती है. दांतों से जुड़ी परेशानी होने पर डेंटिस्ट से सलाह लेकर उसकी वजह और सही इलाज का पता लगाया जाता है. जरूरत के अनुसार, दांतों की सफाई, अलाइनमेंट या दूसरे ट्रीटमेंट किए जाते हैं. लेकिन अच्छी स्माइल का मतलब बिल्कुल सफेद या फिल्मी सितारों जैसी स्माइल होना नहीं है. दांत साफ, मसूड़े स्वस्थ और मुस्कान नेचुरल हो, यही ज्यादा जरूरी है.यह भी पढ़ें : शराब पीने के बाद उपद्रव क्यों करने लगते हैं लोग? जान लें वजहमसूड़ों की परेशानी को हल्के में न लेंअगर ब्रश करते समय कभी-कभार मसूड़ों से खून आ जाए तो कई लोग इसे सामान्य समझकर छोड़ देते हैं. लेकिन अगर ऐसा बार-बार होता है, तो डेंटिस्ट से जांच करवाना जरूरी है. इसी तरह लंबे समय तक मुंह से बदबू आना, मसूड़ों में सूजन, दांतों में दर्द या ठंडा-गरम लगना भी ओरल हेल्थ से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है. मुंह की सेहत का संबंध शरीर की बाकी सेहत से भी देखा गया है. इसलिए दांतों की समस्या को केवल कॉस्मेटिक परेशानी समझना सही नहीं है. समय पर जांच और इलाज से कई समस्याओं को आगे बढ़ने से रोका जाता है.रोज की आदतों से भी सुधरती है स्माइलहेल्दी दांतों के लिए सबसे जरूरी चीज महंगा ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि रोज की सही आदतें हैं. दिन में दो बार फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से ब्रश करें और दांतों के बीच जमा गंदगी की सफाई भी करें. बहुत ज्यादा मीठा खाने और दिनभर मीठे ड्रिंक्स पीने की आदत दांतों को नुकसान पहुंचाती है. खाने के बाद पानी पीना और समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाना भी फायदेमंद रहता है. आज डेंटिस्ट दांतों की जांच और ट्रीटमेंट की प्लानिंग के लिए डिजिटल स्कैन जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं. इससे इलाज को ज्यादा सही तरीके से प्लान किया जाता है. लेकिन आखिर में सबसे जरूरी बात यही है कि आपकी स्माइल सिर्फ देखने में अच्छी नहीं, बल्कि अंदर से भी हेल्दी हो. जब दांत और मसूड़े स्वस्थ होते हैं, तो मुस्कुराने में झिझक भी कम होती है.यह भी पढ़ें : खाली होने पर गुड़गुड़ाता क्यों है पेट, क्या है इसकी वजह?