सागर समेत मुरैना, उज्जैन, इंदौर और मंदसौर में जहरीली या घटिया शराब से मौतों के मामलों के बाद आबकारी विभाग, पुलिस और शराब ठेकेदारों के कथित गठजोड़ पर सवाल उठे हैं।