अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किए जाने के सात महीने बाद अब ईरान की सरकार का दुनिया के दो सबसे अहम समुद्री मार्गों पर वर्चस्व हो चुका है.