आज अगर हमें कोई भी चीज सर्च करनी होती है, तो हम सबसे पहले गूगल का इस्तेमाल ही करते हैं. जानकारी मिलने के बाद हम उसे बंद कर देते हैं. यानी कि गूगल का उपयोग लगभग हम सभी फ्री में ही करते हैं. यूट्यूब पर भी हम वीडियो फ्री में ही देखते हैं. हालांकि गूगल और यूट्यूब पर कुछ प्रिमियम कंटेंट देखने के लिए हमें पैसे देने होते हैं. फिर भी बहुत सा कंटेंट हम लोग फ्री में ही देख लेते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी आखिर अपनी कमाई करती कहां से है? आइए जानते हैं गूगल की कमाई, एडवर्डस और एडसेंस सर्विस के बारे में.गूगल की शुरुआतगूगल की शुरुआत 1998 में की गई थी और आज इसे दुनिया में करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं. गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक है, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 में गूगल की सालाना कमाई 402.83 अरब अमेरिकी डॉलर थी. वहीं गूगल की एक दिन की कमाई लगबग 6,700 करोड़ बताई जाती है. गूगल की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा एडवर्टाइजमेंट से आता है. जिसमें गूगल एड्स और एडसेन्स शामिल है. वहीं गूगल की बाकी कमाई गूगल प्ले स्टोर, यूट्यूब एड्स और सब्सक्रिपश्न, गूगल क्लाउड और गूगल हार्डवेयर से आता है.एडवर्टाइजमेंट से पैसे कमाता है गूगलगूगल की कमाई का लगभग 80 परसेंट हिस्सा एडवर्टाइजमेंट से आता है. कंपनी सर्च इंजन में सबसे ऊपर दिखाने वाले स्पोन्सर्ड एडवर्टाइजमेंट के जरिए पैसा कमाती है. वहीं यूट्यूब पर वीडियो के बीच में आने वाले एड्स से भी पैसे कमाती है. कंपनी गूगल एडसेंस की मदद से अन्य मोबाइल एप्स और वेबसाइट पर एड्स दिखाने के लिए जगह उपलब्ध करवाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी एल्गोरिथ्म बेस्ड एडवर्टाइजमेंट दिखाने के लिए एडवर्टाइजर्स के बीच बोली भी लगवाती है.यह भी पढ़ें: एक ही सवाल पर ChatGPT, Gemini और Claude के जवाब अलग क्यों आते हैं?गूगल वर्कप्लेस और क्लाउड भी देते हैं हिस्सागूगल की कमाई में गूगल वर्कप्लेस और क्लाउड का भी एक अहम हिस्सा है. गूगल वर्कप्लेस का उपयोग कई बड़ी कंपनियां अपने डेटा को सेफ रखने के लिए यह करती है. इसके अलावा गूगल अन्य सर्विसेज जैसे गूगल शिट्स, गूगल मीट, गूगल चैट और गूगल स्लाइड्स भी अपने कस्मर्स को देती हैं. वहीं गूगल क्लाउड की सर्विसेज दे कर कंपनी पैसे कमाती है.गूगल हार्डवेयर से होती है कमाईपिछले कुछ सालों में गूगल ने हार्डवेयर सेक्टर में भी अपनी पहुंच बनाई है. इसमें गूगल की स्मार्टवॉच, पिक्सल फोन, ईयरबड्स और अन्य हार्डवेयर प्रोडक्ट्स शामिल है. गूगल इन प्रोडक्ट्स को बेचकर भी पैसे कमाता है. अगर आप एक एंड्रोइड यूजर हैं, तो आप गूगल प्लेस्टोर के बारे में तो जानते ही होंगे. गूगल अपने प्लेस्टोर की मदद से भी पैसे कमाता है. वह प्लेस्टोर पर बिकने वाले एप्स से पैसे कमाता है.यह भी पढ़ें: गलत रिचार्ज होने पर रिफंड के लिए कितने घंटे के अंदर करनी होती है शिकायत