पटना से सटे पुनपुन नदी घाट को पितृपक्ष में पिंडदान और तर्पण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम ने माता जानकी के साथ यहां अपने पूर्वजों के लिए सबसे पहले पिंड का तर्पण किया था और इसके बाद गया में पिंडदान किया।