ADR की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 के बाद चुनाव जीतने वाले 111 सांसदों और विधायकों ने अपनी पार्टियां बदली हैं। इनमें नागालैंड और पश्चिम बंगाल के सबसे ज्यादा नेता शामिल हैं।