मौसम में बदलाव के कारण कई मरीजों में बुखार, लगातार खांसी और कमजोरी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रह रही है। समय पर डॉक्टर से परामर्श न लेने पर संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया का रूप ले सकता है।