MP में 'बिना फार्मर आईडी नहीं बिकेगा धान': 15 अक्टूबर तक पंजीयन, 1 नवंबर के बाद शुरू हो सकती है खरीदी

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यह शिकायत आती थी कि जिन किसानों ने धान या गेहूं बोया ही नहीं लेकिन उनके खसरे भी पंजीयन में जोड़ दिए गए और उपज का विक्रय भी हो गया। इसमें गड़बड़ी की आशंका बनी रहती थी।