नर्मदा तट पर बसा यह नगर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत इतिहास है। जहां घाटों पर आस्था बहती है, किले की दीवारों में अहिल्याबाई होलकर का युग बोलता है और करघों पर चलती महेश्वरी साड़ी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखती है।