IIT बॉम्बे कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटेंगे:साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला; CCTV में आखिरी बार एग्जाम हॉल से हॉस्टल जाते दिखा

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IIT बॉम्बे में बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाए जाएंगे। संस्थान ने इनकी जगह वॉल-माउंटेड यानी दीवार पर लगने वाले फैन लगाने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पंखे बदलने पर चर्चा जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद शुरू हुई थी। साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। साहिल 18 सितंबर की शाम हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला था। उसकी मौत के बाद लगातार 5 दिनों से IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इधर, साहिल की मौत मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच एग्जाम हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में साहिल आखिरी बार एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की ओर जाता दिखा। इसके बाद वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। क्राइम ब्रांच ने बताया 18 सितंबर के CCTV फुटेज में क्या दिखा संस्थान का दावा- ChatGPT से नकल करते पकड़ाया था साहिल साहिल की मौत को लेकर IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। संस्थान के मुताबिक, फसने ChatGPT पर प्रश्नप्रत्र अपलोड करने की कोशिश की थी। इसके बाद साहिल ने हॉस्टल जाकर सुसाइड कर लिया। हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया। IIT ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था। परिवार ने जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए साहिल के परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को जाति आधारित उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले की गहराई से जांच और CBI जांच की मांग की है। साहिल के माता-पिता ने SC/ST एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कराया है। FIR में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम भी है। IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर को प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया। हालांकि, वह संस्थान में बतौर फैकल्टी काम करते रहेंगे। IIT बॉम्बे में छात्र बनाम फैकल्टी फोरम साहिल की मौत के बाद एक तरफ जहां छात्र संस्थान में जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मेंटल हेल्थ की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का समर्थन किया है। छात्रों का पक्ष: 3 बड़ी बातें फैकल्टी फोरम का पक्ष: 3 बड़ी बातें 1. प्रो. दूल्ला ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार पंत का कहना है कि प्रोफेसर दूल्ला ने परीक्षा के दौरान साहिल को गलत तरीके अपनाते हुए देखा और संस्थान के तय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की। 2. जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष नहीं: पंत ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले किसी के पक्ष या विपक्ष में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर धारणाओं के आधार पर राय बनाना सही नहीं होगा। 3. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा: फैकल्टी फोरम के मुताबिक, जातिगत टिप्पणियों को लेकर पिछले 3-4 महीनों में साहिल ने SC/ST सेल से संपर्क नहीं किया था और वहां उसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। IIT बॉम्बे में इस साल तीन सुसाइड, देश का 9वां मामला इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… क्या जातिसूचक गालियों ने IIT बॉम्बे के साहिल की जान ली; 5 साल में 65 सुसाइड, आखिर IITs में चल क्या रहा है 18,951 सीटें और हर साल 15 लाख से ज्यादा दावेदार—IIT में दाखिला मिलना सपना पूरा होने जैसा माना जाता है। लेकिन 18 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे के B.Tech छात्र साहिल वाकोडे की मौत ने इस सपने के दूसरे पहलू को सामने ला दिया। ग्लोबल IIT एलुमिनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच IIT में कम से कम 65 छात्रों ने आत्महत्या की। आखिर क्या है साहिल वाकोडे की सुसाइड का पूरा मामला और IITs में चल क्या रहा है? पूरी खबर पढ़ें…