सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित अपने पैतृक मकान पर खुद गैंती चलाकर विकास कार्य की शुरुआत की। भावुक मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक हित और विकास के लिए व्यक्तिगत संपत्ति का त्याग जरूरी है।