आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि 13 दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।